22/10/2023
आज सुबह जब मोबाइल का अलार्म बजा तो गूगल ने मुझे नवरात्र और अष्टमी पूजा का अभिनंदन किया ( मैं रोज का गूगल में सेट किया हुआ हूं तो गूगल रोज के हिसाब से बोलता है और मैसेज करता है, वरना मैं कोई गूगल का रिश्तेदार नहीं हूं) तो मन में खयाल आया इस दुर्गा पूजा लोगों के मां के चरणों में कितने फूल अर्पण किए, कितने मिठाई अर्पण किए,दुर्गा पूजा में कितने का पंडाल बना, खैर इस पर ज्यादा नहीं लिखूंगा ये हमारी आस्था है हमे करना भी चाहिए हमें गर्व है की हम हिंदू धर्म में पैदा हुए और इसके प्रति मुझे गहरी आस्था है, अब मुद्दे पर आते है:-
जितने तन मन धन लगाकर हम इस 10 दिन मां के लिए समर्पित रहते है, इस 10 दिन के अलावा क्यूं नहीं रहते है।
मां के रूप को इस 10 दिन जितना महत्व देते है इसके अलावा क्यूं नहीं देते है। 2 दिन के बाद मां की चुनरी कही गिरा देखते है तो पैरों से रौंद देते है, कहीं मां की प्रतिमा या चित्र गिरा मिलता है तो हम उसका सम्मान नहीं करते है।
इसी दशहरा या दीपावली में घरों की सफाई होगी बहुत सारे कैलेंडर घर से बाहर होगी जो की किसी न किसी हमारे देवी देवताओं का होगा उसे कबाड़ वाले को बेच देते है या कचरा में फेक देंगे, उसे हम सम्मान के साथ किसी तालाब या नदी में थोड़ा सा टाइम निकाल कर प्रवाहित क्यों नहीं करते है।
आखिर वो भी तो हमारे आराध्य की प्रतिमा है।
सावन आता है सारे लोग तोलिया, गमछा, गंजी भगवान शिव के फोटो वाला ले कर कच्छा के रूप में इस्तेमाल करते है क्या ये हमारे आराध्य का अपमान नहीं है ।
क्यों नही हम सावन में भगवान का फोटो वाला तोलिया या पेंट प्लेन ही खरीदें, हा कलर को चूज करना है।
हमें लगता है लगता क्या है की हम खरीदते है इसी लिए कंपनी बनाती है और और हमारे आराध्य का अपमान होता है,
कुछ दिन पहले खबर आई थी एक चप्पल कंपनी अपने चप्पल पर भगवान गणेश का फोटो डाल दिया था।
आखिर हम हिंदुओं के देवताओं का इतना अपमान बार बार क्यों।
इसका एक ही कारण है हम खुद ।
अगर आप लोगों को अच्छा लगे या तो थोड़ा सोचिए जरूर ।
पूजा खत्म होगा देवताओं की फोटो लगी हुई अगरबती के डब्बे रोड पर फेके जायेंगे और हम लोग पैर से रौंदते चले जायेंगे, क्यों नहीं उस अगरबती को ही न खरीदें जिस पर देवताओं के चित्र लगे हो,
उस कपड़े को ही न खरीदे जिस पर हमारे आराध्य का फोटो लगा हो, क्यों नहीं उस प्रोडक्ट को ही न खरीदें।
मेरे पोस्ट से अगर 10 लोगों को भी अपने आराध्य के लिए सम्मान जागता है और 10 लोग भी अगर भगवान की फोटो लगी हुई प्रोडक्ट नहीं खरीदते है तो मुझे लगेगा की मैं धन्य हो गया।
जय माता दी
दुर्गापूजा की ढेर सारी शुभकामनाएं