09/01/2024
क़ौम के दोनों महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ, 09 जनवरी हिंदुस्तान व जाट इतिहास के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है।
09 जनवरी 1858 को भारत के वीर सपूत 1857 की क्रांति के अग्रदूत, बल्लभगढ़ नरेश राजा नाहर सिंह जी को अंग्रेजों ने 1857 की क्रांति को कुचलने के लिए उनको 03 साथियों के साथ फांसी पर चढ़ा दिया था जहाँ आज दिल्ली में सीशगंज गुरुद्वारा है उसी के सामने फवारा चौक पर हिंदुस्तान के इस वीर सपूत को अंग्रेजों द्वारा फाँसी दे दी गई।
तो वहीं इसी दिन 09 जनवरी 1945 को अखंड भारत के महानायक, किसानों के मसीहा, दीनबंधु, रहबरे ए आज़म, सर छोटूराम जी की पुण्यतिथि है, आज ही के दिन यह महान आत्मा किसानों को अकेला छोड़ कर चली गए। ठीक 01 दिन पहले ही उन्होंने भारत को सबसे बड़ा बांध भाखड़ा नागल बांध की मंजूरी दी थी। हिंदुस्तान की मिट्टी आपकी सदैव ऋणी रहेगी, आपकी जीवनी हमारे अंदर हमेशा ऊर्जा और क्रांति का संचार करती रहेगी, दोनों महान विभूतियों को कोटि कोटि नमन।