28/09/2026
आज नई गाड़ी लेने के टाइम पर कदम-कदम पर कांटे बिछे हुए हैं। Deal तो आपको बढ़िया मिल जाती है, लेकिन जब तक वह fulfil नहीं हो जाती, जब तक आपकी गाड़ी same deal पर आपके हाथ में नहीं आ जाती, तब तक समझ लीजिए कि आपका काम पूरा नहीं हुआ है।
आज एक ऐसा ही Car Buying Experience मैं share कर रहा हूँ जहाँ बढ़िया Deal मिल रही थी, गाड़ी भी मिल रही थी। लेकिन जब आप mentally prepare हो जाते हैं कि बस अब गाड़ी घर आने वाली है और उस time पर कोई problem आ।जाए, तो मन अपने आप यह सोचता है कि "चलो यार, किसी ना किसी तरीके से इस नई problem को दूर करते हैं और फटाफट गाड़ी ले लेते हैं।" और वो जो 'फटाफट गाड़ी लेना' होता है, वही असली problem है, वही असली कांटे हैं जो हमें जल्दबाजी में गलत गाड़ी दिला देते हैं। तो आज का यह Car Buying Experience क्या है और आपको कहाँ-कहाँ ध्यान रखना है, यह आप पूरा सुनेंगे तो आपको अपने आप समझ आ जाएगा।
Hello, मेरा नाम है Amit और आपको ये information मिल रही है on 'Daily Auto Life'.
ये experience मुझे share किया है Mr. Ajay ने कोलकाता से और उनको लेनी थी Maruti Suzuki Victoris. जब वो गाड़ी लेने के लिए गए और उनकी Deal बनी, तो Victoris पर अच्छे-खासे lucrative discounts चल रहे थे। मतलब, discounts लाखों तक पहुँच रहे थे, तो उनको बहुत ही बढ़िया Deal मिल गई। Deal पक्की होने के बाद उन्होंने पूछा, "मेरी गाड़ी कब तक आ जाएगी? गाड़ी कैसी रहेगी और कौन से month की manufactured होगी?" जहाँ इतनी अच्छी Deal मिल रही हो, वहाँ हम यही सोचते हैं कि गाड़ी हमें एकदम latest manufactured ही मिले। Salesperson ने भी यही कहा, "सर, आपको एकदम latest manufactured गाड़ी मिलेगी और हम दो से तीन दिन में ही आपको उसका chassis number share कर देंगे जैसे ही गाड़ी plant से चलेगी। Maximum तीन से चार दिन में गाड़ी आपके पास पहुँच जाएगी, आप अपनी गाड़ी ले सकते हैं।"
Booking कराने के next day ही अजय जी के पास phone आ जाता है और salesperson उन्हें chassis number share कर देता है। Chassis number से पता चलता है कि गाड़ी उसी month की manufactured है। यह देखकर अजय जी बहुत खुश हुए—"चलो यार, यह तो बहुत ही बढ़िया है।" Salesperson ने उसी time कह दिया, "आप तैयारी कर लीजिए, दो से तीन दिन में गाड़ी आ जाएगी और अपना loan वगैरह का process और payment तैयार रखिए।" उन्होंने तीन दिन का time दिया था, लेकिन अजय जी अपनी तरफ से पाँच दिन का margin लेकर चले। उन्होंने कहा, "ठीक है, मैं पाँच दिन के बाद आ जाऊंगा।" Salesman ने कहा, "कोई दिक्कत नहीं सर, आप आ जाइएगा।" अब अजय जी ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर ली। Bank से loan process करा दिया, घर में सबको बता दिया। बड़ी खुशी हुई! भाई, नई गाड़ी आएगी, उसको ऐसे रखेंगे, वहाँ घुमाने ले जाएंगे—तमाम सपने तो जुड़े ही होते हैं। घर में भी हर कोई बहुत खुश था।
तीन दिन बीतने के बाद उन्होंने पता किया, "मेरी गाड़ी आई कि नहीं?" जवाब मिला, "सर, बस रास्ते में है, आने वाली है।" लेकिन इसके अगले ही दिन Dealer की तरफ से—salesperson का phone आता है कि "सर, आप एक बार showroom आ जाइए, आपसे कुछ जरूरी बात करनी है।"
वहाँ जाने पर salesperson कहता है, "सर, किसी वजह से जो गाड़ी हमने आपको बताई थी और जिसका chassis number दिया था, वो आने में थोड़ा late हो गई है और आप कल delivery के लिए तैयार हैं। हम नहीं चाहते कि आपका experience खराब हो, इसलिए हमारे पास एक और Victoris शोरूम में ही खड़ी है। यह same variant, same model और same color है जो आपको लेना था। बस फर्क यह है कि ये last month की manufactured है। इसमें कोई ज्यादा फर्क नहीं है, आप यह गाड़ी ले सकते हैं।" मिस्टर अजय ने कहा, "चलो ठीक है यार, कोई बात नहीं, वो गाड़ी मुझे दिखा दो।" उन्होंने गाड़ी दिखाई, तो अजय ने कहा, "ठीक है, मैं एक बार इस गाड़ी की third-party PDI करवा लेता हूँ।"
इस पर salesperson ने तुरंत हाथ खड़े कर दिए—"सर, हम third-party PDI बिल्कुल allow नहीं करते हैं। आप इस गाड़ी की third-party PDI नहीं कर सकते। आप खुद से जैसे चाहें check कर सकते हैं।" अजय जी ने साफ कहा, "नहीं भाई, मैं गाड़ी तभी लूंगा जब PDI होकर संतुष्टि हो जाएगी, वरना मैं नहीं लूंगा।" अब salesperson की भाषा देखिए, "सर, ना तो हम इसकी PDI करने देंगे और चलिए मान लेते हैं कि वो पहली वाली गाड़ी भी आ जाएगी जिसका हमने chassis number दिया था, हम उसकी भी third-party PDI आपको नहीं करने देंगे। आप खुद से check करना चाहते हैं, हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन third-party PDI हमारी तरफ से allow नहीं है। आप चाहें तो यह ले लीजिए, इसको भी आप latest ही मानकर चलिए—पिछले month की ही तो बनी हुई है और जो दूसरी आएगी वो भी latest है। दोनों में से कोई भी ले लीजिए, दोनों पर same offer है। लेकिन PDI किसी की भी नहीं करने देंगे।"
यह सुनकर मिस्टर अजय को शक हुआ कि यार, आख़िर यह इस गाड़ी को देने के लिए इतना जोर क्यों डाल रहे हैं? उन्होंने एक बार दूसरे तरीके से बात करके देखी। अजय जी ने कहा, "चलो कोई बात नहीं, जब मेरी वाली गाड़ी आ जाएगी ना, तब मुझे बता देना, मैं वही गाड़ी लूँगा। उसकी PDI आप नहीं करने दोगे, तो कोई दिक्कत नहीं है, मैं उसे बिना PDI के ले लूँगा, लेकिन यह गाड़ी मैं नहीं लूँगा।" अब वहाँ से एक नया पेंच सामने आया। Salesperson बोला, "सर, वो गाड़ी आने में थोड़ा time लग सकता है और Maruti ने announce भी किया है कि हम price increase करेंगे। By chance तब तक price बढ़ गए, तो फिर आपको बढ़े हुए दाम देने पड़ेंगे। फिर आप यह मत कहना कि हमारी Deal कितने में तय हुई थी। आज तो आपको यह गाड़ी मिल जाएगी, कल को उस गाड़ी को आने में 10-15-20 दिन या एक month लग गया, तो आपको दिक्कत हो सकती है।" अब अजय जी का शक और गहरा गया कि हो न हो, इस गाड़ी में कोई न कोई झोल या दिक्कत जरूर है। उन्होंने कहा, "चलो कोई बात नहीं, आप यह बोल रहे हो ना कि price बढ़ जाएंगे? तो आप एक काम करो, मैं आपके सामने दो condition रख रहा हूँ। या तो वो गाड़ी चार से पाँच दिन में आ जाती है, तब तो ठीक है मैं वही ले लूँगा। दूसरी बात, अगर आप मुझे इस गाड़ी की third-party PDI करने दे रहे हो तो मैं यह गाड़ी ले लूँगा। और अगर दोनों ही condition meet नहीं होती हैं—यानी आप PDI भी नहीं करने दोगे और वो गाड़ी चार-पाँच दिन में आएगी भी नहीं—तो फिर पाँच दिन के बाद मेरी booking cancel करा दीजिए, मैं गाड़ी कहीं और से ले लूँगा। आप discount दे रहे हो, इसका यह मतलब तो नहीं है कि मैं बिना गाड़ी check किए ले लूं या जिस गाड़ी पर मुझे शक है, मैं वो उठा लूं। कल को मैं गाड़ी register करवा के बाहर ले जाऊँगा, कहीं check कराई और उसमें कोई बड़ी दिक्कत निकल गई, तो फिर उसका जिम्मा कौन लेगा?"
यह सुनकर salesperson को समझ आ गया कि customer अब हाथ से निकल रहा है। यह गाड़ी तो वह लेंगे नहीं क्योंकि PDI allow नहीं है और हम दूसरी गाड़ी दे नहीं रहे हैं, मतलब customer चला जाएगा। बस, इसके ठीक दो दिन के बाद ही उनका phone आता है—"सर, वो जो नई गाड़ी थी, जिसका हमने आपको chassis number दिया था, वो हमारे पास आ गई है। आप उसे देख सकते हैं और अपनी गाड़ी ले सकते हैं।" Mr. अजय तुरंत पहुँचे और सीधे team leader से बात की कि "मेरी गाड़ी आ चुकी है, मेरे पास phone आया था और मैं इसकी PDI कराना चाहता हूँ।" Team leader ने कहा, "हाँ सर, बिल्कुल! आप PDI करा सकते हैं, हमें कोई दिक्कत नहीं है।" पहले उन्होंने chassis number मिलाकर verify किया कि वही गाड़ी है या नहीं, उसके बाद PDI service book की, तसल्ली से PDI कराई, गाड़ी ली और कोई दिक्कत नहीं आई।
तब जाकर अजय जी को समझ आया कि जो पहली वाली गाड़ी वो जबरदस्ती चिपका रहे थे, हो न हो उसमें कोई न कोई दिक्कत जरूर थी। और जो chassis number उन्होंने पहले दिया था, वो गाड़ी शायद पहले से ही उनके पास थी, लेकिन वो problem वाली गाड़ी पहले निकालना चाहते थे। अजय जी के मन में भी यह आया था कि यार, अब last time पर बिल्कुल फंस चुके हैं। कल ही गाड़ी लेनी थी, अब delivery delay करनी पड़ेगी चलो ये दूसरी गाड़ी ले लेते हैं। क्योंकि मन यही कहता है कि घर में खुशी का माहौल है, सबको बोल रखा है, पैसे इकट्ठे हो चुके हैं, bank loan वगैरह सब process हो चुका है... और एकदम से वो सपने टूटना बड़े भारी लगते हैं। काफी लोग उस pressure को नहीं संभाल पाते और उन सपनों के चक्कर में ऐसी कोई भी गाड़ी उठा लेते हैं जो dealer थमा रहा हो।
लेकिन यहाँ आपको strict रहना है। आजकल गाड़ियां खूब बिक रही हैं, खूब बन रही हैं। Plant से showroom तक आने में गाड़ी में कोई भी damage हो सकता है। इसलिए गाड़ी की delivery लेने से पहले अपनी तसल्ली के लिए एक बार check जरूर कर लिया कीजिए।
तो यही एक जरूरी experience था जो मुझे आपके साथ share करना था। अगर आपके पास भी ऐसा कोई Car Buying Experience है जिसे आप share करना चाहते हैं, या आपके पास कोई गाड़ी है जिसका review आप share करना चाहते हैं और video शूट करना चाहते हैं, तो आप मुझे contact कर सकते हैं। या नई गाड़ी खरीदने से जुड़ी किसी भी help के लिए भी आप contact कर सकते हैं।
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