05/09/2015
श्रीकृष्ण से श्रेष्ठ शिक्षक भला कौन…?
यह एक सुखद संयोग ही है कि इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस दोनों एक ही दिन मनाए जा रहे हैं । यूं भी, श्रीकृष्ण से बड़ा शिक्षक कौन हो सकता है ? कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र में एक आसन्न् महासमर से ऐन पहले श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का जो उपदेश दिया था, वह विश्व के श्रेष्ठ दार्शनिक ग्रंथों में अग्रगण्य है । यह सोचना एक भ्रांति होगी कि सहस्रों वर्ष पूर्व दिए गए गीता-उपदेश की भला आज क्या प्रासंगिकता होगी । गीता आधुनिक मनुष्य की दुविधाओं का निवारण करने और उसे कर्म की ओर प्रवृत्त करने के लिए आज भी उतनी ही कारगर है, जितनी कि वह अर्जुन के लिए थी । कहा भी है कि गीता सुगीता कर्तव्या किम् अन्यै शास्त्रसंग्रहे: । यानी गीता का अच्छी प्रकार अध्ययन कर लेने के बाद अन्य शास्त्रों का कोई प्रयोजन नहीं रह जाता । देखिये, एक आधुनिक मनुष्य के लिए गीता आज भी किन अर्थों में दिग्दर्शिका सिद्ध हो सकती है ?
पहला सूत्र - कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती ।
दूसरा सूत्र - कहीं पहुंचना हो तो दुविधा से बचें ।
तीसरा सूत्र - कर्म को साध लिया तो सफलता भी दूर नहीं ।
चौथा सूत्र - मन के हारे हार है मन के जीते जीत ।
पांचवां सूत्र - बदलाव की शुरुआत अपने से करें ।
Wishing you Happy Krishna Janmashtami & Teacher's Day