R.P.I

R.P.I All bike repair here is low price door to door service facilities available in your town

Permanently closed.

प्राथमिक, सबसे पहला जो गुण होना चाहिए वह यह कि वह ईमानदार हो और उसे भ्रष्ट नहीं बनाया जा सके। इतना ही जरूरी नहीं, बल्कि लोग देखें और समझे भी कि यह आदमी ईमानदार है। उन्हें उसकी ईमानदारी में विश्वास भी होना चाहिए। इसलिए कुल मिलाकर हमारे लोकतंत्र की समस्या मूलतः नैतिक समस्या है। संविधान, शासन प्रणाली, दल, निर्वाचन ये सब लोकतंत्र के अनिवार्य अंग हैं। पर जब तक लोगों में नैतिकता की भावना न रहेगी, लोगों

का आचार-विचार ठीक में रहेगा। तब तक अच्छे से अच्छे संविधान और उत्तम राजनीतिक प्रणाली के बावजूद लोकतंत्र ठीक से काम नहीं कर सकता। स्पष्ट है कि लोकतंत्र की भावना को जगाने व संवर्धित करने के लिए आधार प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक है।
आजादी और लोकतंत्र के साथ जुड़े सपनों को साकार करना है, तो सबसे पहले जनता को स्वयं जाग्रत होना होगा। जब तक स्वयं जनता का नेतृत्व पैदा नहीं होता, तब तक कोई भी लोकतंत्र सफलतापूर्वक नहीं चल सकता। सारी दुनिया में एक भी देश का उदाहरण ऐसा नहीं मिलेगा जिसका उत्थान केवल राज्य की शक्ति द्वारा हुआ हो। कोई भी राज्य बिना लोगों की शक्ति के आगे नहीं बढ़ सकता।

08/09/2020

प्राइवेट स्कूलों की फीस वसूली के खिलाफ दायर याचिका पर जयपुर हाईकोर्ट ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने अंतिरिम आदेश देते हुए कहा कि स्कूल प्रशासन सिर्फ 70% ट्यूशन फीस ले सकते हैं। अदालत ने कहा कि स्कूल छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने दें और उन्हें इस साल चार्ज की गई फीस की बजाए ट्यूशन फीस वाले भाग का 70 फीसदी जमा कराने की अनुमति दें।
राजस्थान सरकार ने 7 जुलाई को एक आदेश जारी करते हुए कहा था कि निजी स्कूल अगले तीन महीने तक पूरी फीस (जिसमें आवेदन शुल्क, एडवांस शुल्क शामिल है) वसूल न करें। इस दौरान छात्रों की फीस न मिलने पर उनके नाम न काटे जाएं। सरकार के इस आदेश के खिलाफ के राज्य के कई प्राइवेट संस्थानों के संगठन अदालत में गुहार लगाई थी।

06/09/2020

* यथासंभव पानी बचाएं। इससे प्राणी मात्र के साथ-साथ देश का भी हित होगा।



* पौधारोपण करें और वृक्ष न काटें।



* अपने वाहन उचित रखरखाव से रखें। इससे प्रदूषण नहीं होगा तो पर्यावरण ठीक रहेगा और इससे देश समृद्ध रहेगा।



* पॉलिथीन का प्रयोग न करें। यह भी पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है।



* आने वाली पीढ़ी को शिक्षित व संस्कारवान बनाएं। अच्छे नागरिक ही देश को बेहतर बनाते हैं।



* सार्वजनिक स्थलों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझें। सड़क पर यदि आपने गंदगी ढेर कर रखी है तो उसकी सफाई व रखरखाव पर खर्च सरकारी ही होना है, यानी देश का नुकसान।



* नोट को गड्‍ड-मड्‍ड करके रखने की बजाय सीधा पर्स में रखें। जितना आप करेंसी को सुरक्षित रखेंगे वह लंबे समय तक चलेगी व देश का फायदा होगा।



* सारे कर/टैक्स समय पर अदा करें, देश निश्चय ही समृद्ध होगा।

05/09/2020

प्राथमिक, सबसे पहला जो गुण होना चाहिए वह यह कि वह ईमानदार हो और उसे भ्रष्ट नहीं बनाया जा सके। इतना ही जरूरी नहीं, बल्कि लोग देखें और समझे भी कि यह आदमी ईमानदार है। उन्हें उसकी ईमानदारी में विश्वास भी होना चाहिए। इसलिए कुल मिलाकर हमारे लोकतंत्र की समस्या मूलतः नैतिक समस्या है। संविधान, शासन प्रणाली, दल, निर्वाचन ये सब लोकतंत्र के अनिवार्य अंग हैं। पर जब तक लोगों में नैतिकता की भावना न रहेगी, लोगों का आचार-विचार ठीक में रहेगा। तब तक अच्छे से अच्छे संविधान और उत्तम राजनीतिक प्रणाली के बावजूद लोकतंत्र ठीक से काम नहीं कर सकता। स्पष्ट है कि लोकतंत्र की भावना को जगाने व संवर्धित करने के लिए आधार प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक है।
आजादी और लोकतंत्र के साथ जुड़े सपनों को साकार करना है, तो सबसे पहले जनता को स्वयं जाग्रत होना होगा। जब तक स्वयं जनता का नेतृत्व पैदा नहीं होता, तब तक कोई भी लोकतंत्र सफलतापूर्वक नहीं चल सकता। सारी दुनिया में एक भी देश का उदाहरण ऐसा नहीं मिलेगा जिसका उत्थान केवल राज्य की शक्ति द्वारा हुआ हो। कोई भी राज्य बिना लोगों की शक्ति के आगे नहीं बढ़ सकता।

Address

Dehra Dun
248001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when R.P.I posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share