27/04/2022
औरत सेहरी में सब से पहले जागती है, और सब घर वालों के लिए सेहरी तैयार करती है ।
लेकिन सब से आख़िर में खाती है ।
रोज़ा रखने के बाद दोपहर में बच्चों को खाना खिलाती है ।
फिर 2 बजे के बाद से इफ्तारी तक अपने खानदान वालों के लिए इफ्तारी तैयार करने में लग जाती है ।
चावल, पालक, गोशत, चटनी वगैरह तैयार करती है और साथ में यह डर भी रहता है कि पता नही कैसा पका होगा ।
सास और ससुर के लिए अलग चीज़े पकाती है ।
और साथ साथ में इफ्तारी से पहले शौहर के गुस्से को सब्र से झेलना भी पड़ता है ।
तारीफ तो दूर की बात। 2-2 रोटियाँ खाने के बाद एक ठंडा ग्लास लस्सी मांगना और कहना कि नमक कम है और खास ठंडा नहीं है !
और इफ्तारी भी पूरी की पूरी कर ली जनाब ने !!
और वो चुपके से किसी कमरे में इफ्तारी करती है ।
तरावीह के बाद पहर से हज़रात के लिए चाय और मेवे तैयार करने हैं ।
और फिर से सेहरी में सब से पहले जागना है ।⏰⏰
अगर ख़ुदा न खास्ता नही जागी या लेट हो गयी तो सारे खानदान का गुस्सा बेचारी औरत पर गिरता है....सारा दिन ।
आप से दरख्वास्त है कि घर की सारी औरतें, ख्वाह वो माँ हो, बीवी हो, बेटी हो, बहन हो या कोई और रिश्ता हो । उनका लाज़मी ख्याल रखना चाहिए ।
आखिर वो भी हमारी तरह इंसान है ।
समझौ और ख्याल रखो
❤ ❤ ❤अल्लाह राज़ी हो जाएगा ❤ ❤ ❤