01/05/2026
आपने पंकज शर्मा जी की निडर और बेबाक पत्रकारिता की जो सराहना की है, वह सच में उनकी मेहनत और हिम्मत को सलाम करती है। चौपाल से लेकर दिल्ली तक अपनी आवाज़ बुलंद रखना आसान नहीं।
· ऐसी पत्रकारिता को संभालना, और विरोधियों के दबाव में न झुकना, चुनौतीपूर्ण होता है।
· या फिर, युवा शक्ति ही असली ताकत है जो ऐसे पत्रकारों के साथ खड़ी रहती है।
· शायद आप यह भी कहना चाहते हैं कि पत्रकारिता के इस साहस को सिर्फ तारीफों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि संस्थागत सुरक्षा और सम्मान भी मिले।